तनियन पदम्

सर्वदेश दिशाकालेष्वव्याह्त पराक्रमा |
    रामानुजार्य दिव्याग्या वर्दतामभिवद्रताम ||
रामानुजार्य दिव्याग्या प्रतिवासरमुज्ज्वला |
    दिगंत्व्यपिनी भूयात सर्वलोकहितैषिणी ||
श्रीमन श्रीरंग श्रियमनुपद्रवामनुदिनन संवर्दय ||
    नमः श्रीशैलनाथाय कुन्तीनगरजन्मने |
प्रसाद्लब्ध्परमप्राप्य्कैंकर्यशालिने ||
    श्रीशैलेशदयापात्रं धिभक्त्यादिगुणार्णवम |
यतिन्द्रप्रवणं वंदे रम्यजामातरं मुनिम् ||
    लक्ष्मीनाथसमारम्भां नाथयामुनमध्यमाम |
अस्म्दाचार्यपर्यन्तां वंदे गुरुपरम्पराम ||
    यो नित्यमच्युतपदाम्बुजयुग्मरुक्म -
व्यामोहतस्तदितराणि तृणाय मेने ||
    अस्मद गुरोर्भगवतोस्य दयैकसिंधो |
रामानुजस्य चरणौं शरणं प्रपद्ये ||
    मातापितायुवतयस्तनया विभूति: -
सर्व यदेव नियमेन मदन्वयानाम ||
    आदस्य न: कुलापतेर्वकुलाभिराम -
श्रीमतदडिघ्रयुगलं प्रणमामि मूधर्ना ||
    भूतं सरश्च महदाहयभट्टनाथ -
श्रीभाक्तिसारकुलशेखरयौगीवाहान ||
    भक्ताडि घ्ररेणुपरकालयतीन्द्रमिश्रान -
श्रीमत्पराकुशमुनि प्रणतोस्मि नित्यम ||
    गुरुमुखमनधीत्य प्राह वेदांशेषान -
नरपतिपरिक्लृप्त शुल्कमादातुकाम: ||
    श्वसुरमरवन्दं रंगनाथस्य साक्षात् -
द्विज़कुलतिलकं तं विष्णुचितं नमामि ||
    अस्मद देशिकमस्मदीयपरमाचार्यानशेषान गुरून |
श्रीमल्लक्ष्मणयोगिपुड्ग्वमहापुणौ मुनि यामुनम ||
    रामं पद्याविलोचनं मुनिवरं नाथं शठ्द्वेषिणम |
सेनेशं श्रियमिन्दिरासह्चरं नारायणं संश्रये ||

श्री १००८ श्रीपरमहंस परिव्राजकाचार्य त्रिदंडीदेवनारायण
    श्रीरामानुज जीयर स्वामी की तनियन

काषाए विमले दधानमुरसि श्रीयग्यसूत्रं सितम
    भाले श्रीसहितोर्ध्वपुण्डृतिलकं हस्ते त्रिदंण्डं वरम |
वेदान्तद्यसारबोधनचरणं स्वाचार्यभक्तं यतिम
    वंदे वैष्णवव्रंदभूषणमहं श्रीदेवनारायणम ||

श्री १००८ श्रीस्वामी श्रीकमलनयनाचार्यजी की तनियन

शाण्डिल्यान्वय पद्मरम्यविकसित प्रद्योतनं शोभितं
    विद्वच्छीमधुसूदनात्मजवरं प्रग्येस्त्थामानितम ||
श्री रामानुजपाद्पद्ममधुपंसौशील्यवारांनिधिम
    वन्देहं कमलेक्षण प्रतिदिनं श्रीमदगुरू कोविदम ||

श्री १००८ श्रीस्वामी श्रीरामानुजाचार्याजी की तनियन

श्रीमद्वशिष्ठ्कुलवारिधिपूर्णचन्द्रम -
    श्रीकेशबार्यगुरुवर्यतनुजरत्न्म |
श्रीमद्याननपदाम्बुजभ्रड्ग्रराजम -
    श्रीरामानुजार्य चरणौ शरणं प्रपद्ये ||

श्री १००८ श्रीपरमहंस परिव्राजकाचार्य श्रीहयग्रीवस्वामीजीकी तनियन

श्रीकान्यकुब्जकुलवारिधिपूर्णचन्द्र -
    श्री श्रीनिवासपद्पंकजचंचरीकम |
श्रीरामनारभवनात्मजमाप्तकामं -
    श्री श्रीगुरु हयगलं शरणं प्रपद्ये ||
यस्मै श्रीयातिशेखर: स्वकृप्या दंडत्रयं दत्तवान |
    काषायाम्बरमाशु रंगनिलये श्रीवैष्णवैर्मन्डिते ||
श्री रंड्गार्य तनूज पाद्शर्णमं मन्त्रं च यो लब्धवान |
    तं श्रीश्रीहयकण्ठदेशिकमुनीं वंदे यातिनां वरम ||

श्री १००८ श्रीबाल स्वामी की तनियन

श्रीमद्वाधूलवंशामृतजलधिविन्धु रंड्ग्रराजार्यसूरे:
    पौत्रं श्री श्रीनिवासाहयगुरुतनयं तत्पदाम्भोजभृड्गम
श्रीमच्छी शैलरामावरज यतिपते: पाद्पाथोजसक्तम
    श्रीरंड्गार्य गुरुणां गुरुमहमनिशं शांतचितं भजामि ||

श्री १००८ श्रीस्वामी श्रीनिवासाचार्यजी की तनियन

वाधूलवंशकलशाम्बुधिशीतभानुम -
    श्रीरंड्ग्र्राजगुरुवर्यतनुजरत्नम |
तत्पाददिव्यसरसीरूह्चंचरीकम -
    श्री श्रीनिवासगुरुवर्यमहं प्रपद्ये |

श्री श्री १००८ श्रीस्वामी श्रीरंड्ग्देशिक की तनियन

वाधूलवंशकलशाम्बुधिपुर्णचंद्र्म -
    श्री श्रीनिवासगुरुपदाब्जभ्रड्ग्म |
श्रीवाससुरि तनयं विनयोज्ज्वलंत -
    श्रीरंड्ग्देशिकमहं शरणं प्रपद्ये ||

श्रीमते रम्यजामातृमुनिन्द्राय महात्मने |
श्रीरड्गवासिने भूयात नित्यश्रीनित्यमंगलम ||
मंगल यतिराजाय श्रीभाष्यमृतदायिने |
सौलभ्यपरिपूर्णाय श्रीमहापूर्णायमंगलम ||

|| श्रीगोदाहरिदेव भगवान की जय ||




     
 
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